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नानक सिंह
Nanak Singh
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नानक सिंह

नानक सिंह (4 जुलाई 1897–28 दिसंबर 1971) का जन्म गाँव चक्क हमीद, ज़िला जेहलम (अब पाकिस्तान) में श्री बहादर चंद सूरी के घर माता लच्छमी की कोख से हुआ। उनका पहला नाम हंस राज था, बाद में वह ग्रंथी बाग सिंह की प्रेरणा से हंस राज से नानक सिंह बन गए। वह पंजाबी के प्रमुख उपन्यासकार थे। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में भी अंग्रेज़ विरोधी कविताएँ लिख कर अपना योगदान दिया और जेल भी गए।


जख्मी दिल नानक सिंह

जुबां को ताड़ना
भारत माता का विलाप
दोतरफी जंग
चल बसे
हिन्दीओं को इनाम
बुलबुल की फरियाद
प्यारा वतन होगा
धार खंजर की
 
 
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