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अज्ञेय
Agyeya
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Maruthal Agyeya

मरुथल अज्ञेय

कहीं की ईंट कहीं का रोड़ा
दन्त-कथा
मरुथल में चट्टान
मरुथल में रात
मरुथल में
देवता अब भी
मरुथल में बदली
मरु में लहर
मरुथल
पग्गड़
कल
यही वह गलियारा है
 
 
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