Hindi Kavita
मैथिलीशरण गुप्त
Maithilisharan Gupt
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Jhankar Maithilisharan Gupt

झंकार मैथिलीशरण गुप्त

निर्बल का बल
झंकार (कविता)
विराट-वीणा
अर्थ
बाल-बोध
रमा है सबमें राम
बन्धन
असन्तोष
जीवन का अस्तित्व
यात्री
प्रभु की प्राप्ति
इकतारा
आश्वासन
ध्यान
संघात
कामना
बाँसुरी
आहट
उत्कण्ठिता
बस, बस
 
 
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