इन्द्रधनु रौंदे हुये ये अज्ञेय
Indradhanu Raunde Hue Ye Agyeya

  • यही एक अमरत्व है
  • सत्य तो बहुत मिले
  • पुनर्दर्शनीय
  • टेसू
  • मरु और खेत
  • इतिहास का न्याय
  • शाश्वत संबंध
  • चातक पिउ बोलो
  • रेंक
  • साँप
  • शब्द
  • एक रोगिणी बालिका के प्रति
  • एक मंगलाचरण
  • मैं वहाँ हूँ
  • इतिहास की हवा
  • क्योंकि तुम हो
  • गोवर्धन
  • सीढ़ियाँ
  • अतिथि सब गए
  • विपर्यय
  • हम ने पौधे से कहा
  • मेरे विचार हैं दीप
  • तुम कदाचित न भी जानो
  • घुमड़न के बाद
  • नई कविता : एक संभाव्य भूमिका
  • साँझ : मोड़ पर विदा
  • मुझे तीन दो शब्द
  • मैं तुम्हारा प्रतिभू हूँ
  • ओ लहर
  • देना जीवन
  • महानगर : रात
  • हवाई यात्रा : ऊँची उड़ान
  • रूप की प्यास
  • धूप-बत्तियाँ
  • सूर्यास्त
  • एक दिन जब
  • बर्फ की झील
  • पश्चिम के समूह-जन
  • एक छाप
  • बार-बार अथ से
  • आगंतुक
  • भर गया गगन में धुआँ
  • जितना तुम्हारा सच है
  • क्यों आज
  • योगफल
  • आदम को एक पुराने ईश्वर का शाप
  • जिस दिन तुम
  • मैं-मेरा, तू-तेरा
  • कोई कहे या न कहे
  • सागर और गिरगिट
  • खुल गई नाव
  • तुम हँसी हो
  • आखेटक
  • पुरुष और नारी
  • साधुवाद
  • वैशाख की आँधी
  • सागर-तट की सीपियाँ
  • कवि के प्रति कवि
  • सर्जना के क्षण