Hindi Kavita
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
Faiz Ahmed Faiz
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ग़ुब्बार-ए-अय्याम फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

1. दरबार में अब सत्वते-शाही की अलामत
2. हम मुसाफ़िर यूँ ही मसरूफ़े सफ़र जाएँगे
3. जैसे हम-बज़्म हैं फिर यारे-तरहदार से हम
4. फिर आईना-ए-आलम शायद कि निखर जाये
5. फूल मस्ले गये फ़र्शे-गुलज़ार पर
6. तुम ही कहो क्या करना है
7. इश्क अपने मुजरिमों को पा-ब-जौलां ले चला
8. मेजर इसहाक की याद में
9. एक नग़मा करबला-ए-बेरूत के लिये
10. एक तराना मुजाहदीने-फ़लिस्तीन के लिये
11. ख़्वाब बसेरा
12. हिजर की राख और विसाल के फूल
13. ये किस दयार-ए-अदम में
14. नज़र-ए-हसरत मोहानी
15. जो मेरा तुम्हारा रिश्ता है
16. आज शब कोई नहीं है
17. इधर न देखो
18. शाम-ए-ग़ुरबत
19.तराना-2 (हम देखेंगे)
 
 
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