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फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
Faiz Ahmed Faiz
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दस्ते-तहे-संग फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

1.आज यूं मौज-दर-मौज ग़म थम गया
2.बेदम हुए बीमार दवा क्यों नही देते
3.हर सम्त परीशाँ तेरी आमद के क़रीने
4.जमेगी कैसे बिसाते-याराँ कि शीशा-ओ-जाम बुझ गये हैं
5.कब ठहरेगा दर्द-ए-दिल, कब रात बसर होगी
6.न गवाँओ नावके-नीमकश दिले-रेज़ा-रेज़ा गवां दिया
7.शरहे-फ़िराक, मदहे-लबे-मुशकबू करें
8.तेरे ग़म को जाँ की तलाश थी तेरे जाँ-निसार चले गए
9.यक-ब-यक शोरिशे-फुगाँ की तरह
10.ये जफ़ा-ए-ग़म का चारा, वो नजाते-दिल का आलम
11.सरे-आग़ाज़
12.दस्ते-तहे-संग आमदः
13.सफ़रनामा
14.जश्न का दिन
15.शाम
16.तुम ये कहते हो अब कोई चारा नहीं
17.शोरिशे-ज़ंजीर बिस्मिल्लाह
18.आज बाज़ार में पा-ब-जौलाँ चलो
19.क़ैदे-तनहाई
20.दो मर्सिए
21.कहाँ जाओगे
22.शह्‍रे-याराँ
23.खुशा ज़मानते-ग़म
24.जब तेरी समंदर आँखों में
25.रंग है दिल का मि
26.पास रहो
27.मंज़र
 
 
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