आत्मा की आँखें रामधारी सिंह 'दिनकर' हिन्दी कविता
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रामधारी सिंह दिनकर
Ramdhari Singh Dinkar
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Aatma Ki Aankhen Ramdhari Singh Dinkar

आत्मा की आँखें रामधारी सिंह 'दिनकर'

प्रार्थना
एकान्त
अकेलेपन का आनन्द
उखड़े हुए लोग
देवता हैं नहीं
महल-अटारी
शैतान का पतन
ईश्वर की देह
निराकार ईश्वर
 
 
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