युवराज हरितवाल

युवराज हरितवाल (20 मई, 2000-) का जन्म राजस्थान- सीकर जिले के ग्राम रामगढ़ शेखावाटी में पिता श्री नवीन कुमार हरितवाल और माता लक्ष्मी देवी हरितवाल के घर हुआ। अभी वह BBA कर रहे हैं और कोलकाता में रहते हैं। कविता लिखना उनका शौक है ।

हिन्दी कविताएँ युवराज हरितवाल

गंगा हर की जटा से बहती
पूरी जिंदगी गुजर जाती है
रेल गाड़ी चलती है पटरी पर
चोट लगेंगी तो लोग
जीवन में धैर्य थोड़ा आप रख लीजिए
वक़्त ने बार-बार ख्वाबों को तोड़ा
सौ बार मदद कर दो लोग भूल ही जाएंगे
फिर क्यों वृद्धाश्रम बने
जहाँ थी कभी बस्ती
थोड़े पैसे दे दो
नई तरह की पढ़ाई
प्रथमपूज्य है, देव गणपति
गलतियाँ तो जीवन में
तैयारी रखेंगे
परिस्थितियां हो विपरीत भले
अमृत बांट ज़हर पिया
गरीब दुखी गरीबी से
जिंदगी
निज मन में अब हुमको
कभी दुख है, तो कभी खुशियाँ अपार है
अब मैंने ठाना कि
हम व्यर्थ चिंता करते है
जिंदगी का सफर
अक्सर, जो दिखता है वह होता नहीं
बहन-भाई का रिश्ता
मरुधर में मृगतृष्णा होगी
अवसादों से उभरना होगा
 
 
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