उमेश शुक्ल
Umesh Shukla
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उमेश शुक्ल

उमेश शुक्ल उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल के एक अहम मंडल बस्ती के ऐतिहासिक गांव बेलारे शुक्ल के मूल निवासी हैं । उन्होंने अपनी लेखनी की बदौलत हरियाणा, हिमाचल और पंजाब समेत देश के विभिन्न हिस्सों में पत्रकारिता क्षेत्र में अपनी पहचान पाठकों में बनाई है। वर्तमान में वे बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के जनसंचार एवं पत्रकारिता संस्थान में अतिथि प्रवक्ता के रूप में कार्यरत हैं। हिंदी पत्रकारिता के साथ साथ वे सामाजिक आंदोलनों में भी सक्रिय रहते हैं। बुंदेलखंड क्षेत्र में विकास की पत्रकारिता को गति देने और जन जागरण में विशिष्ट योगदान के लिए उन्हें वर्ष 2017 में रामेश्वरम संस्थान झाँसी की ओर से पुरस्कार और सम्मान प्रदान किया गया। वह रेडियो और दूरदर्शन पर भी कई कई कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से हिस्सा ले चुके हैं।


हिन्दी कविताएँ उमेश शुक्ल

अश्क
करो सत्य संधान
सियासी रार
छवि
जिंदगी का सफर
देश हमारा
भेड़ि़ये
नफरत
हिंदुस्तान
गुम है तेज बुंदेलखंड का
जागो जागो बुंदेलखंड जागो
 
 
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