स्वागता बसु
Swagata Basu
 Hindi Kavita 

स्वागता बसु

स्वागता बसु का जन्म बंगाली परिवार में हुआ और उनकी परवरिश झारखंड की राजधानी राँची में हुई। बाद में उनका परिवार कोलकाता में आकर बस गया। यहीं उनका विवाह कोलकाता निवासी सुशिक्षित बंगाली युवक से हुआ। बचपन से ही हिंदी साहित्य और कविताएँ उनको आकर्षित करते रहे हैं। MCA की औपचारिक शिक्षा के साथ साथ हिंदी कविताओं और साहित्य की तरफ उनका रुझान कायम रहा।

स्वागता बसु हिन्दी कविता

सरस्वती वंदना
वसंत को आने दो
वसन्त
होली (१)
होली (२)
यादें
वो बोल रहा है
चलो इज़हार कर लें
चलो प्यार कर लें
कोई ऐसा कहाँ
बिखरे सपने
मुझको जीना है
विश्वास मत छीनो